नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बोर्ड स्तर पर स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
नए नियमों के तहत वित्त, तकनीकी नवाचार, साइबर सुरक्षा और स्थिरता (ESG) के क्षेत्र में ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसका उद्देश्य पीएसयू के रणनीतिक निर्णयों में वैश्विक मानकों को समाहित करना है।
उद्योग जानकारों का कहना है कि यह कदम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। आगामी हफ्तों में कई प्रमुख कंपनियों के बोर्डों का पुनर्गठन संभावित है।
